ग्योंग्जू । एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन 2025 में 21 सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक मुक्त व्यापार और आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया “एक सदी में न देखे गए बदलावों” के दौर से गुजर रही है, ऐसे में देशों को सहयोग और विश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
जिनपिंग ने कहा कि चीन मुक्त और खुला व्यापार तथा बहुपक्षीय सहयोग का “विश्वसनीय भागीदार” है। उन्होंने अपने संबोधन में संरक्षणवाद की नीति की आलोचना करते हुए परोक्ष रूप से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधा। जिनपिंग ने चीन को मुक्त व्यापार का नया केंद्र बताया, जिसने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी आर्थिक भूमिका को मजबूत किया है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की कुछ नीतियाँ, जैसे दुर्लभ धातुओं के निर्यात नियंत्रण, उसके “मुक्त व्यापार” के दावों पर सवाल खड़े करती हैं।
चीन-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत
सम्मेलन के दौरान चीन और कनाडा ने लंबे समय से ठंडे पड़े द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया। जिनपिंग और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कारनी की बैठक में दोनों नेताओं ने रिश्तों को पुनर्जीवित करने पर सहमति जताई। चर्चा में कृषि, ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और निर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
कारनी ने चीन की यात्रा के निमंत्रण को स्वीकार किया। विश्लेषकों के अनुसार, कनाडा अपने निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को अमेरिका पर निर्भरता से हटाकर विविध बनाना चाहता है।
बदलता व्यापार समीकरण
इस बार APEC घोषणापत्र में “मुक्त और निष्पक्ष व्यापार” की बजाय “आर्थिक लचीलापन” और “आपूर्ति शृंखला पुनर्संरचना” को अधिक महत्व दिया गया। सम्मेलन में ट्रम्प की सीमित भागीदारी और जिनपिंग की सक्रिय उपस्थिति ने चीन की भूमिका को और प्रमुख बना दिया।
चीन-कनाडा रिश्तों की बहाली से उत्तर अमेरिका-प्रशांत व्यापार नेटवर्क में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं, जिन्हें अमेरिका करीब से देख रहा है।