हरियाणा | हरियाणा की राजनीति में तीन नवंबर का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। इस दिन सत्ता, विपक्ष और आंदोलन तीनों मोर्चे एक साथ सक्रिय रहेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपनी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, कांग्रेस विपक्ष की एकजुटता दिखाने की तैयारी में है, जबकि इनेलो राज्यभर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक होगी। इसमें विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर चर्चा और विभिन्न विभागों से जुड़े नीतिगत प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। यह बैठक सैनी सरकार की रणनीतिक कैबिनेट मीटिंग मानी जा रही है, जिसमें प्रशासनिक नीतियों के साथ सियासी संतुलन साधने की कोशिश होगी।
इसी दिन कांग्रेस खेमे में भी हलचल तेज रहेगी। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। यह उनकी नियुक्ति के बाद पहली औपचारिक बैठक होगी, जिसमें विधायकों से जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी चंडीगढ़ में सभी जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जिम्मेदारियां सौंपने और आने वाले चुनावों की रणनीति पर चर्चा होगी।
कांग्रेस में एकता और सामंजस्य का संदेश देने के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा के निवास पर लंच मीटिंग का आयोजन भी किया गया है। इसमें कांग्रेस के सभी विधायक, जिलाध्यक्ष, पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। हरियाणा मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे।
इसी दिन इंडियन नेशनल लोकदल भी मैदान में उतरेगी। अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता 22 जिलों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इन प्रदर्शनों में किसानों की समस्याएं, फसलों के दाम, बेरोजगारी, जलभराव और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
तीन नवंबर को हरियाणा की सियासत में सत्ता के फैसले, विपक्ष की रणनीति और आंदोलन की आवाज एक साथ गूंजेगी, जो इस दिन को राज्य की राजनीति का सुपर मंडे बना देगी।