काबुल | उत्तरी अफगानिस्तान में रविवार देर रात आए 6.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 320 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
भूकंप का केंद्र समांगन प्रांत के खुल्म क्षेत्र से 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में था और यह 28 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने बताया कि झटके स्थानीय समयानुसार रात 12 बजकर 59 मिनट पर महसूस किए गए।
बल्ख और समांगन प्रांतों में सबसे ज्यादा नुकसान
अफगानिस्तान की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद के अनुसार, सबसे अधिक क्षति बल्ख और समांगन प्रांतों में हुई है। भूकंप के बाद रक्षा मंत्रालय की बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं आपातकालीन सहायता कार्य शुरू कर दिया गया। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दी जा चुकी है।
ऐतिहासिक नीली मस्जिद को नुकसान
भूकंप के झटके मजार-ए-शरीफ शहर में भी महसूस किए गए। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में दिखा कि झटकों से ऐतिहासिक नीली मस्जिद (ब्लू मॉस्क) की दीवारों से ईंटें गिर गईं। हालांकि, संरचना को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। यह मस्जिद अफगानिस्तान का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र मानी जाती है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु आते हैं।
काबुल और अन्य प्रांतों में भी झटके महसूस
राजधानी काबुल सहित कई अन्य प्रांतों में भी धरती हिली। लोगों में दहशत फैल गई और कई घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत कार्य लगातार जारी हैं और नुकसान का सही आकलन किया जा रहा है।
हाल के वर्षों में बार-बार आए भूकंप
अफगानिस्तान पिछले कुछ वर्षों में भूकंप की चपेट में बार-बार आता रहा है।
- 31 अगस्त 2025 को पूर्वी अफगानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप में 2,200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
- वहीं, 7 अक्टूबर 2023 को आए 6.3 तीव्रता के झटकों में लगभग 4,000 लोगों की जान चली गई थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अफगानिस्तान में ज्यादातर घर कंक्रीट, ईंट या लकड़ी से बने कच्चे ढांचे वाले हैं, जो भूकंप की स्थिति में आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।