Shimla, Sanju
राजधानी शिमला में सोमवार को निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि हड़ताल के मद्देनजर एचआरटीसी (HRTC) ने शहर में अतिरिक्त बसें चलाने का फैसला लिया, ताकि यात्रियों को राहत दी जा सके।
निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि 40 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर आने वाली बसों को शिमला शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि बाहरी बसों के शहर में आने से यातायात जाम की स्थिति पैदा हो जाती है और स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसें प्रभावित होती हैं।निजी बस यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त आयुक्त (ट्रांसपोर्ट) नरेश ठाकुर से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। विभाग ने उनकी समस्याओं पर विचार करने और समाधान का आश्वासन दिया है।बस ऑपरेटरों ने बताया कि बाहरी बसों के कारण शहर के भीतर रूट पूरे करने में दोगुना समय लग रहा है, जिससे यात्रियों और ऑपरेटर दोनों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूल बसों में सवारियां भरने से निजी बस ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।ट्रांसपोर्ट विभाग ने निजी बस ऑपरेटरों को आश्वासन दिया कि चरणबद्ध तरीके से 40 किलोमीटर से बाहर से आने वाली बसों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। जब तक यह निर्णय लागू नहीं होता, निजी बस ऑपरेटर हड़ताल जारी रखेंगे।
आरटीओ का पक्ष:
आरटीओ शिमला अनिल शर्मा ने बताया कि निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को लेकर एचआरटीसी प्रबंध निदेशक (MD) से बातचीत की गई है।
उन्होंने कहा, “एचआरटीसी एमडी ने 40 किलोमीटर से अधिक दूरी से आने वाली बसों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी स्कूल बसों में सवारियां भरने के मामले पर भी कार्रवाई की जा रही है। दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी को दूर कर समाधान निकाला जाएगा।