कार्तिक, शिमला-:देशभर की तरह हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी गुरु नानक देव जी का 356वां प्रकाश उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही गुरुद्वारों में कीर्तन, सुखमणि साहिब पाठ और लंगर का आयोजन किया गया।
गुरु नानक देव जी के 356वें प्रकाश उत्सव पर शिमला के सभी गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सिंह सभा गुरुद्वारा शिमला में सुबह से ही सुखमणि साहिब का पाठ, अखंड पाठ का भोग और विशेष अरदास की गई। इस अवसर पर अमृतसर हरमंदिर साहिब से आए हजूरी रागी जत्थे ने शब्द-कीर्तन कर संगत को भावविभोर कर दिया।गुरुद्वारा सिंह सभा कमेटी के अध्यक्ष भाई जसवीर सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव जी का संदेश मानवता, समानता और भाईचारे का था। उन्होंने ऊँच-नीच और जात-पात से ऊपर उठकर सबको एकता और प्रेम का मार्ग दिखाया। जसवीर सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने लंगर प्रथा की शुरुआत इस उद्देश्य से की थी कि कोई भी व्यक्ति उनके दरबार से भूखा न जाए।उन्होंने यह भी कहा कि आज समाज में बढ़ रहे नशे और मानसिक तनाव की रोकथाम के लिए भी गुरुद्वारा परिसर में विशेष अरदास की गई। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है — सभी को अच्छाई के मार्ग पर चलना चाहिए और समाज से बुराइयों का अंत करना चाहिए।
भाई जसवीर सिंह, अध्यक्ष, सिंह सभा गुरुद्वारा कमेटी, शिमला
गुरु नानक देव जी का एक ही संदेश था — सभी धर्मों को साथ लेकर चलना और ऊँच-नीच का भेद मिटाना। समाज में फैल रही नशे की बुराई से मुक्ति के लिए भी हमें मिलकर प्रयास करना होगा।