Summer express,फरीदाबाद | नेहरू कॉलोनी में बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई के बाद अब जिला प्रशासन ने शहर की अन्य कथित अवैध कॉलोनियों की जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन विभाग द्वारा गौंछी क्षेत्र में विकसित कॉलोनी के मकानों पर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं और मकान मालिकों से सात दिनों के भीतर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के निवासियों में चिंता का माहौल बन गया है। लोगों को आशंका है कि यदि कॉलोनी को अवैध घोषित किया गया तो उन्हें तोड़फोड़ और बेघर होने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि हाल ही में नेहरू कॉलोनी में करीब 300 मकानों पर कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद अन्य क्षेत्रों में भी प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गौंछी उप-तहसील के अंतर्गत आने वाली यह कॉलोनी लगभग दस वर्ष पहले विकसित हुई थी। लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर यहां प्लॉट खरीदे और मकान बनाकर रहना शुरू किया। वर्तमान में कॉलोनी में करीब 90 प्रतिशत आबादी बस चुकी है।
नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में निवासी अपनी समस्याएं लेकर स्थानीय विधायक सतीश फागना से भी मिले। लोगों का दावा है कि उन्हें कार्रवाई न होने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
लोगों ने उठाए सवाल, कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई की मांग
कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने 50 से 100 वर्ग गज के प्लॉट विधिवत खरीदकर मकान बनाए हैं। इतना ही नहीं, कई मकानों को नगर निगम की ओर से पानी और सीवर कनेक्शन भी उपलब्ध हैं। ऐसे में अब कॉलोनी को अवैध घोषित किए जाने पर लोगों ने सवाल उठाए हैं।
निवासियों का कहना है कि यदि जमीन या कॉलोनी अवैध थी तो संबंधित विभागों ने उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की, जब प्लॉट बेचे जा रहे थे। उनका तर्क है कि कार्रवाई मकान मालिकों की बजाय कॉलोनाइजरों और अवैध रूप से प्लॉट बेचने वालों के खिलाफ होनी चाहिए।
जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) यजन चौधरी ने बताया कि अवैध निर्माणों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।