चंडीगढ़ | पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) का प्रतिनिधिमंडल आज कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिला। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी की सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध जताया।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है, जिससे लाखों विद्यार्थियों और पंजाब के करीब 200 कॉलेजों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “केंद्र सरकार पंजाब से नफरत करती है और लगातार राज्य के अधिकारों पर अतिक्रमण कर रही है।”
उन्होंने कहा कि पहले केंद्र ने भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) पर नियंत्रण करने की कोशिश की थी और अब वह पंजाब की यूनिवर्सिटियों को अपने अधीन लाना चाहती है। चीमा ने कहा कि “पंजाब सरकार इस साजिश का पुरजोर विरोध करेगी और हर मंच पर राज्य के हितों की रक्षा करेगी।”
AAP सांसद मीट हेयर ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी राज्य की पहचान और भावनाओं से जुड़ी संस्था है। उन्होंने केंद्र पर असंवैधानिक तरीके से यूनिवर्सिटी पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हर बार पंजाब के साथ भेदभाव किया जाता है। अब केंद्र को चेतावनी है—पंजाब की सहनशीलता की परीक्षा लेना बंद करे।”