Mandi, Dharamveer
जिला के 14 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन स्कूलों को फिलहाल अस्थायी मान्यता दी गई है, जबकि स्थायी मान्यता तभी मिलेगी जब वे बोर्ड द्वारा निर्धारित 17 औपचारिकताओं को पूरा करेंगे। इन शर्तों में स्थायी भवन, खेल मैदान, बिजली-पानी की सुविधा, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, लाइब्रेरी, कंप्यूटर-मैथ-साइंस लैब, प्रशिक्षित स्टाफ, स्कूल वेबसाइट, एसएमसी गठन और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था जैसी आवश्यकताएं शामिल हैं।
सबसे बड़ी चुनौती इन स्कूलों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट हासिल करना बन गई है। यह सर्टिफिकेट तभी जारी होगा जब स्कूलों में अग्निशमन से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होंगी। इन सुविधाओं को स्थापित करने में स्कूलों को भारी खर्च का सामना करना पड़ रहा है।
जिला के उच्च शिक्षा उपनिदेशक यशवीर धीमान ने बताया कि फायर सेफ्टी के इंतजामों के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार की ओर से वित्तीय मदद उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जनवरी महीने में सीबीएसई की टीम इन चयनित स्कूलों का निरीक्षण करेगी। यदि सभी मानक पूरे पाए गए तो स्कूलों को स्थायी मान्यता दी जाएगी।
इन 14 स्कूलों को किया गया चयनित:
मंडी, सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट और भंगरोटू के बॉयज व गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इसके अलावा मढ़ी, करसोग, गोहर और जंजैहली के सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।