फरीदाबाद । दिल्ली-एनसीआर में हुए हालिया बम धमाके के बाद फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है। मंगलवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी परिसर सहित करीब 30 से अधिक लोकेशनों पर व्यापक छापेमारी की। कार्रवाई का केंद्रबिंदु वित्तीय अनियमितताएं और दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी संभावित लिंक हैं।
डॉ. निसार की पत्नी और बेटी कैंपस में नजरबंद
जांच एजेंसियों ने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े माने जा रहे डॉ. निसार उल हसन की पत्नी डॉ. सुरइया और MBBS सेकेंड ईयर की छात्रा बेटी निबिया को कैंपस में उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया है। दोनों के मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं और उनके डिजिटल डेटा की जांच जारी है। कैंपस से अन्य 10 MBBS छात्रों को भी बाहर जाने से रोक दिया गया है।
दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन की गहराई से पड़ताल
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर रहे डॉ. निसार, लाल किले के सामने हुए धमाके में खुद को उड़ाने वाले आतंकी डॉ. उमर नबी, और आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील व डॉ. शाहीन सईद के संपर्क में थे। ब्लास्ट के बाद वह फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया।
जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार डॉ. निसार पहले भी जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क से जुड़े आरोपों में चर्चाओं में रह चुके हैं। 2023 में उन्हें SMHS अस्पताल, श्रीनगर से ‘राज्यविरोधी गतिविधियों’ के आरोप में बर्खास्त किया गया था।
कई छात्र–इंटर्न भी रडार पर, मोबाइल जब्त
सूत्रों के मुताबिक डॉ. आलिम गौर, डॉ. आशील, डॉ. सैमशुल समेत कई MBBS स्टूडेंट्स और इंटर्न से पूछताछ चल रही है। इनमें से कुछ आरोपी डॉक्टरों की कार तक चलाते थे। सभी के मोबाइल जब्त किए गए हैं और कॉल रिकॉर्ड व चैट्स की जांच की जा रही है।
वार्ड बॉय समेत अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ
धौज गांव के वार्ड बॉय शोएब और बेड अलॉटमेंट देख रहे मुस्तफा से भी गहन पूछताछ की गई। शोएब ने आरोपी डॉ. मुजम्मिल की कार की मरम्मत कराने में मदद की थी। पुलिस अब उनके संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है।