सिरसा | सिरसा जिले के कुम्हारिया और खेड़ी गांवों के बीच स्थित खेड़ी माइनर नहर में अचानक आई दरार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। नहर टूटने के बाद तेज बहाव से आसपास के खेत जलभराव की चपेट में आ गए, जिससे करीब 10 एकड़ गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
किसानों की फसलें डूबीं, दोबारा बुवाई की नौबत
नहर में आई दरार का सबसे अधिक असर किसानों—राजकुमार, सुनील कुमार, नेतराम और पृथ्वी सिंह—की फसलों पर पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार:
- राजकुमार की 4 एकड़ गेहूं
- सुनील कुमार की 3 एकड़ सरसों
- पृथ्वी सिंह की 3 एकड़ सरसों
पानी में डूबकर खराब हो गईं। किसानों का कहना है कि अब उन्हें खेतों की फिर से जुताई और बुवाई करनी पड़ेगी, जिससे लागत बढ़ जाएगी। इस दुर्घटना में नेतराम के ट्यूबवेल के कुएं में भी पानी भर गया, जिससे अतिरिक्त नुकसान हुआ।
सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग सक्रिय, 4 घंटे में मरम्मत
जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ, ग्रामीणों ने तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी। विभाग टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया। रिसाव बढ़ता देख नहर पर जेसीबी मशीन से तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करवाया गया। करीब चार घंटे के प्रयास के बाद दरार को सील कर दिया गया और नहर की सप्लाई नियंत्रित हो गई।
नहर का आखिरी छोर, दबाव कम होने से टला बड़ा नुकसान
ग्रामीणों का कहना है कि खेड़ी माइनर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है, जहां पानी का दबाव कम रहता है। यही वजह रही कि दरार समय रहते काबू में आ गई और बड़ा हादसा टल गया।