पंचकूला। कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने हरियाणा सरकार को चेतावनी दी है कि पुनर्वास योजना के तहत गरीबों को फ्लैट आवंटित किए बिना किसी भी कॉलोनी को हटाने का प्रयास न किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार इन कॉलोनियों को राजनीतिक कारणों से हटाने की कोशिश करती है, तो हाईकोर्ट में अवमानना का मामला दायर किया जाएगा।
चंद्रमोहन ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा के कार्यकाल में 12 कॉलोनियों के गरीबों को फ्लैट दिए गए थे, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में इस पुनर्वास योजना पर कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्पष्ट हैं कि इंदिरा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी और अन्य झुग्गी-झोपड़ी वासियों को आवास प्रदान किए बिना कॉलोनियों को हटाया नहीं जा सकता।
विधायक ने वर्ष 1994 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई पुनर्वास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय 5553 झोपड़ियों का सर्वे किया गया था, जिनमें से 4149 लाभार्थियों की पहचान हुई और 3827 लोगों को प्लॉट आवंटित किए जाने थे। कुल 2756 लोगों ने 1000 से 2500 रुपये तक जमा किए थे, जिसकी राशि आज भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पास सुरक्षित है। हालांकि, केवल 306 लाभार्थियों को अलॉटमेंट लेटर जारी किए गए, लेकिन किसी को प्लॉट प्राप्त नहीं हुआ।
चंद्रमोहन ने बताया कि अनुमानित आंकड़ों के अनुसार राजीव कॉलोनी में लगभग 4000, इंदिरा कॉलोनी में 3000, खड़ग मंगोली पुराना पंचकूला में 2000 और गांधी कॉलोनी में 800 झोपड़ियों का पुनर्वास पिछले 30 वर्षों से लंबित है। विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार अगर राजनीतिक द्वेष के चलते गरीबों को बेघर करने की हिमाकत करती है तो इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।