मुल्लांपुर दाखा। गांव दाखा में शहीदों के स्थल के पास स्थित सरकारी स्कूल की इमारत में बिना अनुमति चल रहे नशा मुक्ति केंद्र का पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने भंडाफोड़ किया। छापेमारी में एक ही कमरे में बंद किए गए 25 मरीज बेहद दयनीय और अमानवीय स्थिति में मिले, जिनमें कई घावों से पीड़ित थे और उन्हें कोई प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार कमरे में न स्वच्छता थी और न ही खाने-पीने की उचित व्यवस्था। पुलिस टीम ने कमरे का ताला तोड़कर सभी मरीजों को बाहर निकाला और तुरंत सिविल अस्पताल जगराओं में भर्ती करवाया।
मेडिकल टीम की रिपोर्ट पर केस दर्ज
डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा ने बताया कि शिकायत के आधार पर एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के निर्देशानुसार एक संयुक्त टीम बनाई गई थी, जिसमें डॉ. हरकमल कौर, डॉ. विशाल कुमार और फार्मासिस्ट दविंदर सिंह शामिल थे।
मेडिकल टीम की रिपोर्ट के बाद केंद्र के संचालक हरदीप सिंह उर्फ दीपा (गांव चक्क कलां) और जगविंदर सिंह (गांव दाखा) के खिलाफ धारा 384 (4), 127 (4), 3 (5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी हमराज सिंह चीमा के अनुसार दोनों आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।
केंद्र में जानवरों जैसी स्थिति में रखे थे मरीज
डीएसपी खोसा ने बताया कि केंद्र में भर्ती लोगों को बंद कर, प्रताड़ित कर और अत्यधिक खराब परिस्थितियों में रखा गया था। कई मरीजों को गंभीर चोटें थीं, लेकिन किसी ने उनकी देखभाल तक नहीं की।
उन्होंने अपील की कि नशा छोड़ने के इच्छुक लोग केवल सरकारी या मान्यता प्राप्त रिहैब सेंटर का ही चयन करें। छापेमारी दल में एएसआई इंदरजीत सिंह, अमनप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह और बूटा सिंह भी शामिल रहे।