Dharamshala, 25 November-: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। उन्होंने दोनों नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए की प्रचंड जीत के लिए बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश के हालात और आपदा राहत कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा भी की।
जयराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने अमित शाह को हिमाचल की स्थिति से अवगत कराया और कहा कि आपदा के लगभग पांच महीने बाद भी सरकार राहत व पुनर्वास कार्यों को सुचारू रूप से संचालित नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में सड़कें, पेयजल और बिजली व्यवस्था अभी तक स्थायी रूप से बहाल नहीं हो पाई हैं, जबकि प्रदेश कड़ाके की सर्दी की ओर बढ़ रहा है। उनका कहना था कि सरकार आपदा पीड़ितों के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रही और अस्थायी प्रबंधों के सहारे ही काम चलाया जा रहा है।ने
ता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार को “दिशाहीन” बताते हुए कहा कि निर्णय लेने में न दूरदृष्टि दिखती है और न गंभीरता। उन्होंने ऊना और सोलन में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सरकार के कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस के नेताओं के बीच हुए टकराव ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों और सरकारी नाकामी को उजागर किया है। उन्होंने सरकार पर अपराधियों को नियंत्रित करने के बजाय पत्रकारों को डराने का आरोप भी लगाया।
पंचायत चुनाव पर बोलते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर चुनाव रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुनर्सीमांकन को लेकर सरकार की नीयत साफ नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग के कई पत्रों और निर्देशों के बावजूद सरकार ने समय पर कार्रवाई नहीं की और जब चुनाव नजदीक आए तो अचानक पुनर्सीमांकन का निर्णय ले लिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा सीमाओं को फ्रीज करने के बाद कैबिनेट द्वारा नया आदेश जारी करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।जयराम ठाकुर ने कहा कि कल से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भाजपा सरकार को उसकी हर कमी और जनविरोधी फैसलों पर कटघरे में खड़ा करेगी।