करनाल। हरियाणा के मुंडलाना गांव के युवक राहुल को अमेरिका में पढ़ाई दिलाने का सपना दिखाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। परिवार से 58.50 लाख रुपये ऐंठकर एजेंटों ने राहुल को अमेरिका भेजने के बजाय दुबई और लीबिया में फंसा दिया, जहां उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। मामले में करनाल के सदर थाने में नौ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
अमेरिका के नाम पर डील, लेकिन भेज दिया दुबई–लीबिया
राहुल के चाचा देवेंद्र के अनुसार, रिश्तेदार रोशन ने उसे पढ़ाई के लिए अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया। इसके बाद एजेंट वेदप्रकाश, बलवंत और अमित घर पहुंचे तथा 51 लाख रुपये में डील तय की गई।
15 दिसंबर 2023 को 10 लाख रुपये अग्रिम लिए गए। आरोपियों ने राहुल को दिल्ली ले जाकर डॉक्यूमेंट तैयार कराए और बैंकॉक का नकली टिकट भेजकर धोखा शुरू कर दिया।
इसके बाद वह कुछ समय बैंकॉक में रहा, फिर मार्च 2024 में दुबई भेजा गया। दुबई से उसे जमैका भेजने की कोशिश हुई, लेकिन एंट्री न मिलने पर फिर वापस दुबई भेज दिया गया। धीरे-धीरे एजेंटों ने उससे बड़े स्तर पर पैसे वसूले।
दुबई में पासपोर्ट गिरवी, खाना बंद; फिर लीबिया में कर दिया बंधक
शिकायत में कहा गया है कि दुबई में एजेंटों ने राहुल का पासपोर्ट गिरवी रख दिया और उसे खाना देना बंद कर दिया। जुलाई 2024 में उसे लीबिया भेज दिया गया, जहां पहुंचते ही उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया।
कुछ दिन बाद उसे पीटा गया, मोबाइल छीना गया और परिजन से और अधिक पैसे मांगे गए। अरुण नामक आरोपी ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजकर राहुल की हत्या की धमकी भी दी।
कई लाख की कर्जदारी, जमीन–गहने गिरवी
देवेंद्र ने बताया कि राहुल को अमेरिका भेजने की उम्मीद में परिवार ने अपनी जमीन, गहने, खेती के उपकरण तक गिरवी रखकर कर्ज लिया। उनका मानना था कि पढ़ाई के बाद राहुल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार देगा, लेकिन एजेंटों ने उनकी उम्मीदें तोड़कर उन्हें कर्ज और धोखे में धकेल दिया।
भारत वापसी और FIR
लगातार प्रताड़ना के बाद 13 अक्टूबर 2024 को राहुल लीबिया से भारत लौटा। परिवार ने कई बार पंचायत बुलाई, लेकिन आरोपियों ने रुपये वापस नहीं किए। आखिरकार मामले में सिद्धपुर गांव के अरुण, वेदप्रकाश, बलवंत, सुलेखा, रेनू, दो अमित और आशा के खिलाफ धोखाधड़ी, मानव तस्करी और धमकी से जुड़े प्रावधानों में केस दर्ज कराया गया है।