Bilaspur, Subhash-:हिमाचल प्रदेश के एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने सीनियर रेजिडेंट (नॉन-अकादमिक) के 58 पदों को भरने के लिए 5 दिसंबर 2025 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करने की घोषणा की है। इससे एम्स में लंबे समय से महसूस की जा रही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिससे ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं और इनडोर वार्डों पर लगातार दबाव बना रहता है। कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को समय पर आवश्यक विशेषज्ञ परामर्श नहीं मिल पा रहा था। नई नियुक्तियों से इन सेवाओं की गुणवत्ता और क्षमता दोनों में उल्लेखनीय सुधार आने की संभावना है।एम्स प्रबंधन ने जानकारी दी कि 30 से अधिक विभागों में सीनियर रेजिडेंट तैनात किए जाएंगे। इनमें एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, रेडियोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, ट्रॉमा एंड इमरजेंसी, न्यूक्लियर मेडिसिन, सर्जिकल और मेडिकल ऑनकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी, न्यूनेटलॉजी, ऑप्थल्मोलॉजी और साइकिएट्री जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इन विभागों में विशेषज्ञों की तैनाती से गंभीर और जटिल मामलों के उपचार में तेजी आएगी।
प्रबंधन के अनुसार चयनित डॉक्टरों की प्रारंभिक नियुक्ति छह महीने के लिए होगी। आवश्यकता, प्रदर्शन और संस्थान की मांग के अनुसार इसे अधिकतम तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। लंबे समय तक सेवाएं उपलब्ध रहने से विभागों में निरंतरता बनी रहेगी और मरीजों को अनुभवी विशेषज्ञों का निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होगा।एम्स प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि नई नियुक्तियां अस्पताल की सक्षम और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेंगी, जिससे प्रदेश के लोगों को सीधी राहत मिलेगी।