Dharamshala, 28 November-:मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तंगरोटी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों की शिकायतें एवं सुझाव सुने। उन्होंने पंचायत के महिला मंडलों को एक-एक लाख रुपये की राशि देने तथा तंगरोटी और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न सड़कों की मरम्मत और टारिंग के लिए बजट स्वीकृत करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला को राज्य की पर्यटन राजधानी बनाया गया है और इस दिशा में कई नई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 460 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और कार्य प्रगति पर है। विस्तारीकरण के बाद क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने पहली बार प्राकृतिक पद्धति से उत्पादित फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार गेहूं 60 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 40 रुपये प्रति किलोग्राम और कच्ची हल्दी 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही है। दूध के समर्थन मूल्य को बढ़ाते हुए गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आय में स्थायी बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त किया है और अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए टांडा और चमियाना चिकित्सा संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि टांडा मेडिकल कॉलेज में 28 करोड़ रुपये की लागत से पैट स्कैन मशीन लगाई जा रही है।कार्यक्रम में कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि तंगरोटी क्षेत्र में दूध संग्रहण केंद्र का विस्तार भी कराया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया।