जोरावर स्टेडियम में पेंशनर्स का हल्ला बोल, विधानसभा की ओर बढ़ने से पुलिस ने रोका
Dharamshala, Rahul-:धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में चल रहे शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन पेंशनर संघ की रैली ने माहौल गर्मा दिया। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में पहुंचे पेंशनर संघ के सदस्यों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस ग्राउंड से शुरू हुई रैली जोरावर स्टेडियम तक पहुंची, जहां पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स ने पेंशनरों की राह रोक दी। इसी दौरान पेंशनर संघ ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
इसी बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का काफिला भी विधानसभा की ओर बढ़ रहा था। पेंशनर संघ के सदस्यों ने उनका वाहन रोक लिया और अपनी मांगें उनके सामने रखीं। स्थिति को देखते हुए जयराम ठाकुर को अपनी गाड़ी छोड़कर बैरिकेड पार कर पैदल ही विधानसभा परिसर की ओर जाना पड़ा। उन्होंने पेंशनरों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सदन में मजबूती से उठाया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद पेंशनर संघ के लोगों ने उनका वाहन आगे नहीं बढ़ने दिया और नारेबाजी जारी रखी।पेंशनर संघ की मुख्य मांगों में डीए की लंबित किश्तें, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अन्य भत्तों का भुगतान शामिल है, जो लंबे समय से रुके हुए हैं। पेंशनर्स का कहना है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल रही है और सरकार उनकी आवाज सुनने से बच रही है।
सुरक्षा दृष्टि से विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर कड़ी बंदोबस्त किया गया था। पुलिस ने किसी भी पेंशनर को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी। हालांकि, स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रशासन ने पेंशनर संघ के दो–तीन प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात के लिए विधानसभा परिसर में भेजा, जहां उन्हें अपनी बात सरकार के समक्ष रखने का अवसर दिया गया।जोरावर स्टेडियम में घंटों तक चले प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा। पेंशनर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।