Mandi, Dharamveer-:मंडी के वल्लभ राजकीय महाविद्यालय की एनसीसी कैडेट डुमेश कुमारी ने एक और उपलब्धि हासिल करते हुए 18,000 फीट ऊची माउंट बी.सी. रॉय चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया। उन्होंने दार्जिलिंग स्थित हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स (एएमसी) को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस कोर्स में वे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ निदेशालय से चयनित होने वाली एकमात्र एनसीसी कैडेट रहीं, जो अपने आप में गर्व का विषय है।
महाविद्यालय पहुंचने पर उनके सम्मान में हाई टी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्राचार्य ने कहा कि वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार महाविद्यालय व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।महाविद्यालय में एनसीसी आर्मी विंग की दो कंपनियां तथा एयर विंग की एक फ्लाइट सक्रिय हैं, जिनके प्रशिक्षण में फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन लाल क्रांति सिंह, केयरटेकर ऑफिसर डॉ. कविता और डॉ. बलबीर सिंह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. चमन ने बताया कि एडवांस्ड माउंटेनियरिंग कोर्स कैडेटों में नेतृत्व, शारीरिक-मानसिक मजबूती, आपदा प्रबंधन और साहसिक गतिविधियों की समझ विकसित करने वाला बहुआयामी कार्यक्रम है।
डॉ. चमन ने यह भी बताया कि वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट रूस, बांग्लादेश, वियतनाम, भूटान और कजाकिस्तान में युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2018 से 2025 के बीच 12 से अधिक कैडेट गणतंत्र दिवस कैंप, दिल्ली में निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं पिछले वर्षों में दर्जनभर से अधिक कैडेटों ने भारतीय वायुसेना और थलसेना में कमीशंड ऑफिसर के रूप में राष्ट्रपति कमीशन प्राप्त किया है।
कैडेट डुमेश कुमारी गोहर क्षेत्र की रहने वाली हैं और वर्तमान में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स 21 अक्टूबर से 17 नवंबर 2025 तक चला, जिसमें अत्यंत कठिन मौसम और भू-भाग में रॉक क्राफ्ट, स्नो क्राफ्ट, आइस तकनीक, ग्लेशियर मूवमेंट और हाई एल्टीट्यूड कुकिंग का प्रशिक्षण शामिल था। उन्होंने 15 किलोग्राम भार के साथ 13 किलोमीटर की अनिवार्य स्पीड ट्रेक समय से पहले पूरी कर अपनी उत्कृष्ट क्षमता का परिचय दिया।केयरटेकर ऑफिसर डॉ. कविता ने उनकी इस उपलब्धि को 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन और महाविद्यालय दोनों के लिए प्रेरणादायक बताया।