गुहला | इंटरनेट और ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए होने वाली ठगी अब एक नए रूप में सामने आ रही है। अब नकली या घटिया गुणवत्ता के सामान के साथ ‘कैश ऑन डिलीवरी’ (COD) पार्सल के माध्यम से भी लोगों को ठगा जा रहा है।
स्थानीय महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके घर पर अक्सर ऑनलाइन ऑर्डर आते रहते हैं, लेकिन यह हमेशा भरोसेमंद पोर्टल या एप्लीकेशन से ही आता था। हाल ही में उन्हें उनके नाम से एक पार्सल आया, जो एक विश्वसनीय डिलीवरी वेबसाइट के जरिए भेजा गया था। भरोसा होने के कारण उनके पति ने पैकेज की राशि जमा कर दी। लेकिन जब पार्सल खोला गया, तो उसमें बहुत ही घटिया और नकली कपड़े निकले। इसमें एक टी-शर्ट तो इतनी खराब थी कि ऐसा लग रहा था जैसे किसी सुनसान जगह से उठाकर पैक की गई हो। दो अन्य कपड़े भी अत्यंत निम्न गुणवत्ता के थे।
महिला ने बताया कि उन्होंने ऐसा ऑर्डर कभी नहीं दिया था। ऑनलाइन ठगों ने उनका पता और नाम लेकर यह चालाकी से ठगी की। वापसी का कोई पता या संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं था, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पार्सल आमतौर पर विश्वसनीय डिलीवरी साइटों पर भेजे जाते हैं, जिससे डिलीवरी ब्वाय कॉल करके भुगतान करवाता है। लोग सोचते हैं कि परिवार के किसी सदस्य ने ऑर्डर किया होगा और राशि जमा कर देते हैं। खुलने पर पता चलता है कि सामान घटिया या नकली है।
सतर्क रहने की सलाह:
- केवल भरोसेमंद वेबसाइट और एप से ही ऑर्डर करें।
- किसी अनजान डिलीवरी के लिए राशि जमा करने से बचें।
- नकली या बिना ऑर्डर के पार्सल मिलने पर तुरंत कस्टमर केयर या नजदीकी पुलिस को सूचित करें।
यह मामला ग्राहकों के लिए चेतावनी है कि ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से बचने के लिए हर खरीदार को सतर्क रहने की जरूरत है।