Dharamshala, 4 December-:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को विपक्ष ने वॉकआउट किया। भाजपा विधायक दल ने आरोप लगाया कि सरकार ने सदन को गुमराह किया और कई मुद्दों पर तथ्य स्पष्ट न होने के कारण विपक्ष ने सदन से बाहर आने का निर्णय लिया। वॉकआउट के बाद मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा था।
जयराम ठाकुर का कहना था कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों से जुड़े एक मामले में सरकार द्वारा दी गई जानकारी तथ्यों से मेल नहीं खाती। उन्होंने दावा किया कि छात्रों को रैली की अनुमति न मिलने संबंधी मुख्यमंत्री के बयान का विरोध करते हुए विपक्ष ने सदन में अनुमति से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। उनका कहना था कि सदन को सटीक जानकारी देना सरकार की जिम्मेदारी है और विपक्ष तथ्यों के विपरीत दिए गए बयानों का विरोध करता रहेगा।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में विधायकों ने धारा 118 से जुड़े मुद्दों पर नारेबाजी की और तख्तियां लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से प्रदेश के हित प्रभावित हो रहे हैं और कुछ निर्णयों को लेकर जनता में असंतोष है।
विधायकों ने “हिमाचल फॉर सेल” जैसे नारों के माध्यम से सरकार की भूमि संबंधी नीति का विरोध जताया और कहा कि पंजाब और अन्य राज्यों से जुड़े भूमि मामलों में पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए कुछ फैसले प्रदेश के हितों के अनुरूप नहीं हैं और इस विषय पर सरकार को सदन में विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए।उधर, सरकार की ओर से इन आरोपों का जवाब आने वाले सत्र या मीडिया संवाद में दिया जा सकता है।