गुरुग्राम । हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह का एक नया बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने गुरुग्राम के खराब प्रदूषण स्तर पर चिंता जताई और बिहार के मधुबन को प्रदूषण के मामले में गुरुग्राम से बेहतर बताया। राव ने कहा कि गुरुग्राम रहने योग्य तो है, लेकिन यह देश के सबसे प्रदूषित स्थानों में शामिल है और यहां प्रदूषण के कारण “मेरी उम्र 10 साल कम हो गई है।”
कार्यक्रम के दौरान राव नरबीर ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर अगली पीढ़ी के भविष्य पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति कम से कम दो पेड़ अवश्यलगाए ताकि बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाया जा सके।
पॉलीथिन रोकने में असफलता भी स्वीकार
मंच से संबोधित करते हुए मंत्री ने स्वीकार किया कि प्रदेश में पॉलीथिन प्रदूषण को रोकने में सरकार पूरी तरह सफल नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “प्रदूषण में 40% हिस्सा पॉलीथिन का है। मैं पॉलीथिन को न रोक पाया हूं और न रोक पाऊंगा। मॉल से लेकर रेहड़ी तक, हर जगह इसका उपयोग जारी है।”
उन्होंने माना कि जब तक लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तब तक पर्यावरण सुधार की किसी भी सरकारी पहल का पूरा प्रभाव नहीं दिखेगा।
पहले भी विवादित बयान से आए थे सुर्खियों में
इससे पहले भी मंत्री राव नरबीर सिंह का बयान सुर्खियों का हिस्सा बना था, जब उन्होंने मुख्यमंत्री की जाति को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि नायब सिंह सैनी अच्छा काम कर रहे हैं, “लेकिन वह सैनी हैं और आपको जाट मुख्यमंत्री चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा था कि दौलताबाद क्षेत्र में उन्होंने 15 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए, लेकिन चुनाव में 15,000 वोटों में से उन्हें केवल 400 वोट ही मिले।
पूर्व विधायक के बेटे मिलन दौलताबाद का पलटवार
कैबिनेट मंत्री के ताजा बयान पर पूर्व विधायक राकेश दौलताबाद के बेटे मिलन ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राव नरबीर चुनाव में कम वोट मिलने की पीड़ा को भूल नहीं पाए हैं, इसलिए ऐसे बयान देकर समाज को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। मिलन ने कहा कि अब मंत्री को सभी समुदायों और सभी गांवों के विकास के लिए समान भावना से काम करना चाहिए, क्योंकि जनता ने उन्हें सभी का प्रतिनिधि बनाया है — न कि सिर्फ वोट देने वालों का।