सिरसा। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा ने शनिवार को मोदी सरकार पर भारत-रूस संबंधों को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा आज भले ही पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों को गलत साबित करने में लगी है, लेकिन भारत और रूस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी की पहली नींव कांग्रेस शासनकाल में ही रखी गई थी।
शैलजा ने कहा कि पंडित नेहरू के कार्यकाल से ही भारत और सोवियत संघ (USSR) के बीच भरोसेमंद रिश्ते शुरू हुए थे, जिन्हें आगे इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय नई ऊंचाइयां मिलीं। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच हुआ ऐतिहासिक सहयोग आज भी दुनिया के लिए मिसाल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार जानबूझकर पंडित नेहरू की हर नीति और उपलब्धि को खारिज करने की कोशिश कर रही है, जबकि भारत-रूस दोस्ती की बुनियाद कांग्रेस की दूरदर्शी विदेश नीति का ही परिणाम है।
कुमारी शैलजा ने कहा “रूस आज भी भारत का सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है। यह रिश्ता अचानक नहीं बना, इसकी शुरुआत नेहरू जी के समय से हुई थी। भाजपा सरकार इसे नकार सकती है, लेकिन इतिहास को नहीं बदला जा सकता।”
सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से भारत-रूस मैत्री को मजबूत करने की पक्षधर रही है और आगे भी चाहती है कि दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग उसी तरह कायम रहे जैसा दशकों से रहा है।
सिरसा में मीडिया से बातचीत के दौरान शैलजा ने दोहराया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए इतिहास को विकृत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन भारत-रूस संबंधों की नींव कांग्रेस और उसके नेताओं द्वारा रखी गई थी, जिसे दुनिया मानती है।