चंडीगढ़ | हरियाणा कैबिनेट की ताज़ा बैठक में राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों पर चर्चा के साथ ही शीतकालीन सत्र की तारीखों पर अंतिम निर्णय लिया गया। कैबिनेट की बैठक के बाद स्पष्ट किया गया कि हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से शुरू होगा और यह सत्र 18, 19 और 22 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से सत्र के एजेंडे, विधायी कार्यसूची और संबंधित तैयारियों पर विचार किया गया। हालांकि सत्र की अंतिम अवधि और विस्तृत कार्यक्रम का निर्णय अब बीएसी (बैजिंग अफेयर्स कमिटी) में लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सत्र में प्रस्तुत प्रस्ताव और विधायी कार्य सुचारू रूप से और निर्धारित समय पर सम्पन्न हो सकें।
हरियाणा सरकार की कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि शीतकालीन सत्र में विधानसभा सदस्यों को सत्र के दौरान सभी सुविधाएँ और व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। इससे विधायक बिना किसी बाधा के अपने क्षेत्रों के मुद्दों और राज्य हित से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिसमें विकास कार्य, बजट प्रस्ताव, कानून-व्यवस्था और राज्य की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं पर निर्णय शामिल हो सकते हैं।
राज्य के विधानसभा सचिवालय ने भी सभी विभागों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सत्र के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज, रिपोर्ट और तैयारियों को समय पर सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, सदन में पारदर्शिता और नियमों के पालन के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।
इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक चलेगा, और राज्य सरकार की योजनाओं और कानून निर्माण के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।