Nurpur, Sanjeev-:हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की तहसील इंदौरा के माजरा गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां पठानकोट निवासी सोनिया चौधरी, जो “वॉइस लैस फाउंडेशन” नामक संस्था चलाती हैं, पर लगभग 300 आवारा कुत्तों के बीच जिंदा गाय फेंकने का आरोप लगा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संस्था द्वारा बनाए गए ऊंची चारदीवारी वाले परिसर में करीब 200 से 300 कुत्ते रखे गए हैं। बताया जा रहा है कि महिला लंबे समय से इन कुत्तों को जिंदा जानवर खिलाने जैसे अमानवीय कार्य करती रही है। दो दिन पहले की घटना में महिला ने एक जिंदा गाय को कुत्तों के झुंड के बीच फेंक दिया, जिसके बाद कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। गाय दर्द से तड़पती रही और उसकी चीखें दूर तक सुनाई दीं। यह भयावह दृश्य देखकर ग्रामीण अपनी छतों पर इकट्ठा हुए और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गाय को कुत्तों से छुड़ाकर इलाज के लिए गौशाला भेजा गया। इस घटना ने पूरे इलाके में नैतिक और धार्मिक आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ के सह निदेशक राजेश पठानिया ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी संस्था के खिलाफ शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि गाय हिंदू समाज के लिए आस्था और धर्म का प्रतीक है, और इस तरह की घटनाएं समाज के लिए पीड़ादायक हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों पर सख्त कानून बनाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी क्रूरता न हो सके।
महिला सोनिया चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज
इस पूरे मामले पर एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद “वॉइस लैस फाउंडेशन” चलाने वाली महिला सोनिया चौधरी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष और त्वरित होगी।