पंजाब | पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व MLA सिमरजीत सिंह बैंस और अन्य के खिलाफ बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज FIR रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। इससे सिमरजीत बैंस को कानूनी मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 195 का प्रावधान केवल उन अपराधों पर लागू होता है जो सीधे न्यायिक अधिकारियों या सार्वजनिक सेवकों से संबंधित हों, जैसे कि झूठी गवाही या कोर्ट में जालसाजी। कोर्ट ने कहा कि इस धारा का असर FIR या जांच के प्रारंभिक चरण पर नहीं पड़ता।
जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने यह भी बताया कि मजिस्ट्रेट द्वारा अपराध का संज्ञान लेते समय कानून की प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। अभी वह स्टेज नहीं आया है, इसलिए FIR रद्द करने की मांग इस चरण में कानूनी आधार नहीं रखती।
हाईकोर्ट का यह निर्णय पूर्व MLA सिमरजीत बैंस और उनके सहयोगियों के लिए महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति तय करता है और मामले की आगे की जांच को प्रभावित करता है।