कैथल। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुंचे। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान एक मामले में जांच अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर मंत्री विज ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी को मौके पर ही निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों की जांच में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने बताया कि बैठक में प्राप्त कई शिकायतों का समाधान वहीं पर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि समिति की प्रक्रिया के अनुसार केवल वही मामले सुने जाते हैं, जो पूर्व निर्धारित सूची में दर्ज हों। अन्य शिकायतकर्ता अपनी समस्याएं उपायुक्त को सौंप सकते हैं, जिन्हें जांच के बाद अगले सत्र में शामिल किया जा सकता है। विज ने कहा, “आज जिन मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी, उनका समाधान अगली बैठक में कर दिया जाएगा।”
वीआईपी नंबर मामले की जांच तेज
एक वाहन के वीआईपी नंबर को लेकर पूछे गए प्रश्न पर मंत्री विज ने बताया कि जांच उस व्यक्ति पर केंद्रित है जिसने 1 करोड़ 17 लाख रुपये में विशेष नंबर खरीदा था, लेकिन बाद में पूरी राशि जमा नहीं की। उन्होंने कहा कि अब उस व्यक्ति की संपत्ति और आय स्रोतों की जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह इतना महंगा नंबर लेने की वित्तीय क्षमता रखता था या नहीं। प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।