Chamba, Manjur Pathan-:चंबा जिले के चुराह उपमंडल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला चिल्ली का भवन करीब छह साल पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज भी इसी जर्जर भवन में 158 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। जगह-जगह से दरारें, कमजोर दीवारें और गिरने का खतरा हर समय बच्चों और शिक्षकों को डर के साए में रखे हुए है।
राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला चिल्ली का स्कूल भवन समय के साथ और अधिक जर्जर होता जा रहा है। प्रशासन द्वारा भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बावजूद न तो इसे डिस्मेंटल किया गया और न ही नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को हर दिन जान जोखिम में डालकर कक्षाओं में बैठना पड़ रहा है। अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन को इस समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब छत से पानी टपकने और दीवारों से प्लास्टर गिरने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई इसी भवन में करवाई जा रही है।
स्कूल की अध्यापिका भी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं और सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रही हैं।
उषा कुमारी, जेबीटी अध्यापिका,“यह भवन काफी समय पहले असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसे डिस्मेंटल नहीं किया गया। बच्चे मजबूरी में इसी भवन में पढ़ाई कर रहे हैं। हम सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द इस भवन को गिराकर नए भवन का निर्माण करवाया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सके।”
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। जरूरत है कि जल्द से जल्द कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित भविष्य दिया जाए।