Shimla, Sanju-:भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में शासन का फोकस जनसमस्याओं से हटकर गैर-प्राथमिक गतिविधियों पर केंद्रित हो गया है। प्रदेश इस समय बेरोजगारी, आर्थिक दबाव, कर्मचारियों–पेंशनरों की मांगों और स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन सरकार का ध्यान विभागीय दायित्वों के बजाय आयोजनों में लगा हुआ है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग से जुड़े हालिया पत्र से यह संकेत मिलता है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विभाग का उपयोग अपने मूल उद्देश्यों से इतर कार्यों के लिए किया जा रहा है। आयुष विभाग का दायित्व पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संवर्धन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और शोध को बढ़ावा देना है, न कि ऐसे कार्यक्रमों में संसाधन झोंकना जिनका सीधा संबंध जनहित से नहीं है।उन्होंने कहा,जब प्रदेश के अस्पताल संसाधनों की कमी से जूझ रहे हों, कर्मचारी अपने बकाया और सुविधाओं के लिए परेशान हों, तब सरकार की प्राथमिकताएं कुछ और ही दिखाई दे रही हैं।”
आयुष कर्मियों की समस्याएं अनदेखी
भाजपा विधायक ने बताया कि आयुष विभाग के चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनमें स्टाफ की कमी, बुनियादी ढांचे की कमजोरी और लंबित भुगतान प्रमुख हैं। इन मुद्दों के समाधान के बजाय विभागीय तंत्र का उपयोग गैर-ज़रूरी गतिविधियों में किया जाना चिंताजनक है।
सरकारी संसाधनों के उपयोग पर सवाल
सुधीर शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी विभागों का उद्देश्य अब जनसेवा से हटकर आयोजनों के प्रबंधन तक सीमित होता जा रहा है। विभागीय पत्राचार में वित्तीय सहयोग और प्रायोजन से जुड़े उल्लेख यह दर्शाते हैं कि सरकारी ढांचे का प्रयोग किस दिशा में किया जा रहा है।
भाजपा उठाएगी मुद्दा
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से उठाएगी और विभागीय संसाधनों के उपयोग प्रशासनिक जिम्मेदारियों जनहित की अनदेखी जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय की जाएगी। भाजपा जनहित से जुड़े विषयों पर संघर्ष जारी रखेगी और सरकार की कार्यप्रणाली को जनता के सामने लाती रहेगी।