नई दिल्ली | कीमती धातुओं में तेजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। शुरुआती कारोबार में ही चांदी के दाम 10 हजार रुपये से अधिक उछलकर ₹2.54 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गए। वहीं सोने में भी मजबूती दर्ज की गई और इसके भाव ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम से ऊपर चले गए।
सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में लगभग ₹11,770 प्रति किलो यानी करीब 5 फीसदी की तेजी देखी गई। इससे पहले शुक्रवार को भी चांदी के दाम ₹11,000 से ज्यादा बढ़े थे। सोने में भी मजबूती बनी रही और फरवरी डिलीवरी वाला सोना करीब ₹350 महंगा कारोबार करता दिखा। शुक्रवार को सोने की कीमतों में लगभग 1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी।
2025 में निवेशकों की चांदी
साल 2025 अब तक सोना-चांदी निवेशकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। चांदी ने करीब 170 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है, जबकि सोने में भी 80 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की जा चुकी है। केवल मौजूदा महीने में ही सोने के दाम लगभग 10 फीसदी बढ़ चुके हैं।
तेजी के पीछे की वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा फायदा सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं को मिल रहा है।
सोने से आगे क्यों निकल रही चांदी?
मेहता इक्विटीज के कमोडिटीज वाइस प्रेसिडेंट राहुल कालंतरी के मुताबिक, चांदी अब सिर्फ एक कीमती धातु नहीं रह गई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसी इंडस्ट्री में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं वैश्विक स्तर पर घटते स्टॉक और सप्लाई संकट भी कीमतों को सहारा दे रहे हैं। इसके अलावा चीन द्वारा 1 जनवरी से चांदी के निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाए जाने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
आगे क्या रहेगा रुख?
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी का मानना है कि आने वाले समय में कॉमेक्स पर चांदी की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। इंडस्ट्रियल डिमांड के मुकाबले सप्लाई कमजोर बनी हुई है, जिससे चांदी के दाम और ऊंचाई छू सकते हैं।