नई दिल्ली | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हरियाणा सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र में संसाधनों के बेहतर उपयोग की अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य बजट का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा केवल वेतन पर खर्च हो रहा है, जो संतुलित विकास के लिए उचित नहीं है। अन्य राज्यों के अनुरूप इसे चरणबद्ध तरीके से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की आवश्यकता है।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के साथ हुई समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने, उनकी तैनाती को सुव्यवस्थित करने और डॉक्टरों की युक्तिसंगत भर्ती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर योजना और मानव संसाधन प्रबंधन से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार संभव है।
बैठक के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें हिसार में समर्पित टीबी अस्पताल की स्थापना, सीबीएनएएटी कार्ट्रिज की निर्बाध आपूर्ति, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन, कैंसर और एनसीडी प्रबंधन हेतु पीईटी/स्पेक्ट सुविधाएं, 15वें वित्त आयोग के समर्थन का विस्तार तथा दक्षिण हरियाणा के लिए लक्षित बुनियादी ढांचा सहायता शामिल है।
इसके अलावा अतिरिक्त एंबुलेंस, नवजात देखभाल इकाइयों का विस्तार, जिला स्तर पर मैमोग्राफी और आडियोलॉजी क्लीनिक, विशेष रोग क्लीनिक, फाइब्रोस्कैन सुविधाएं और सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए एकीकृत आईटी प्लेटफॉर्म की मांग भी रखी गई।
समीक्षा बैठक में हरियाणा में संचालित प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में उल्लेखनीय कमी तथा 400 प्रतिशत से अधिक पूर्ण टीकाकरण कवरेज हासिल करने पर राज्य सरकार की सराहना की गई।
केंद्रीय मंत्री ने ‘टीबी मुक्त भारत’ और ‘टीबी मुक्त हरियाणा’ अभियान के तहत राज्य के प्रदर्शन को सराहनीय बताया। उन्होंने निक्षय पोषण योजना को और मजबूत करने, निक्षय मित्रों की भागीदारी बढ़ाने और एक्स-रे जांच कवरेज के विस्तार की सलाह दी। फरवरी में 100-दिवसीय टीबी अभियान को दोबारा शुरू किया जाएगा, जिसमें सांसदों, विधायकों, जिला समितियों और उपायुक्तों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जेपी नड्डा ने दवा उपलब्धता पोर्टल को उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को दवाओं की उपलब्धता की पारदर्शी जानकारी मिल सके। साथ ही लंबित मैपिंग कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया।
इसके अलावा उन्होंने हरियाणा में यूजी और पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने तथा केंद्र सरकार के पीपीपी सेल के साथ समन्वय कर डायग्नोस्टिक व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में साझेदारी के नए अवसर तलाशने की भी सलाह दी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सभी सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करेगी।