चंडीगढ़। हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने अपने विभाग में करीब 1500 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा किया है। मंत्री विज ने बताया कि विभाग का कार्यभार संभालते ही एक गंभीर अनियमितता सामने आई, जिसमें एक ही व्यक्ति द्वारा हजारों कामगारों का सत्यापन किया गया था, जो व्यावहारिक रूप से असंभव है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले तीन जिलों में निरीक्षण कराया गया, जहां इसी तरह की फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए गए कि श्रम विभाग के तहत पंजीकृत सभी कामगारों की सूची तैयार कर तीन-तीन अधिकारियों की टीम बनाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए।
अब तक नौ जिलों से प्राप्त रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुल 5,99,758 वर्क स्लिप्स में से मात्र 53,952 ही वैध पाई गई हैं। मंत्री अनिल विज ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी पर्चियां किसने बनाईं और इस घोटाले से किन लोगों ने लाभ उठाया।
पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था पर भी साधा निशाना
इस दौरान मंत्री विज ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने में पूरी तरह विफल रही है। विज का आरोप है कि वहां अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है।
अंबाला छावनी में अंडरब्रिज को मिलेगी रफ्तार
अंबाला छावनी में बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन के बीच प्रस्तावित अंडरब्रिज को लेकर मंत्री अनिल विज ने कहा कि इसका नक्शा जल्द तैयार कर लिया जाएगा और उसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी।
नववर्ष पर बयान
नववर्ष को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री विज ने कहा कि यह देश का पारंपरिक नववर्ष नहीं है। जब भारत का वास्तविक नववर्ष आएगा, तब उसे पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा।