Shimla –हिमाचल प्रदेश में पुलिस भर्ती को लेकर सियासत गर्म है। विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार पर पेपर लीक के आरोप लगा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा है कि पुलिस भर्ती की परीक्षाएं हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से पारदर्शिता के साथ करवाई जा रही हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है।
बीजेपी के कार्यकाल में बिके थे पेपर
नरेश चौहान ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके कार्यकाल में ही पुलिस भर्ती घोटाला हुआ था। उस समय तीन से आठ लाख रुपये में पेपर बेचे गए थे, जिससे प्रदेश की छवि पूरे देश में धूमिल हुई थी।चौहान ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं और आज हर परीक्षा निष्पक्ष ढंग से करवाई जा रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि किसी भी तरह के झांसे में न आएं और अगर कोई पैसे लेकर परीक्षा पास कराने की बात करता है तो उसकी शिकायत करें।उन्होंने हमीरपुर सबऑर्डिनेट बोर्ड का भी जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में वह भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका था। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने एक नया सिस्टम लागू किया है, जिसमें पारदर्शिता प्राथमिकता है।