चंडीगढ़ | हरियाणा तेजी से बढ़ती आबादी को चुनौती नहीं, बल्कि मानव संसाधन मानकर विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रदेश सरकार ने कौशल विकास, स्वरोजगार, औद्योगिकीकरण और कृषि सुधार को केंद्र में रखकर एक बहुआयामी रणनीति तैयार की है, जिसका उद्देश्य ‘विकसित भारत-2027’ के लक्ष्य को हासिल करना है।
प्रदेश में जनसंख्या नियोजन को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखकर उसे आर्थिक अवसरों में बदलने पर फोकस किया गया है। गुरुग्राम-फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए टिकाऊ शहरी विकास योजनाएं बनाई गई हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाएं, तकनीक, सामाजिक जागरूकता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।
युवा शक्ति बनी विकास की रीढ़
हरियाणा की कुल 2.88 करोड़ आबादी में से 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के करीब 1.05 करोड़ युवा हैं, जबकि 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग में लगभग 71 लाख लोग शामिल हैं। अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक योगदान देने वाले इस वर्ग को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
सरकार ने पहली बार विदेशों में रोजगार दिलाने की पहल शुरू की है। अब तक विभिन्न देशों से 25 हजार से अधिक पदों की मांग सामने आ चुकी है। इसके साथ-साथ नए साल में सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग ने 25 हजार से अधिक भर्तियों का लक्ष्य रखा है।
स्वरोजगार, उद्योग और कृषि पर फोकस
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। हरियाणा कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए सड़क, फ्लाईओवर, बहुमंजिली इमारतों और औद्योगिक क्षेत्रों की परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।
कृषि को लाभकारी बनाने के लिए किसान विकास प्राधिकरण, भावांतर भरपाई योजना और फसल बीमा जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। पैरी-अर्बन खेती और कुटीर उद्योगों—जैसे पानीपत का हथकरघा, अंबाला के वैज्ञानिक उपकरण और यमुनानगर का प्लाइवुड उद्योग—से स्थानीय रोजगार को मजबूती मिली है।
आर्थिक मजबूती की मिसाल
बेहतर जनसंख्या नियोजन का असर निर्यात, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, जीडीपी और 3.27 लाख रुपये से अधिक प्रति व्यक्ति आय में साफ दिखता है। अप्रेंटिस नियुक्ति में हरियाणा देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। कुल मिलाकर, हरियाणा युवा शक्ति, कौशल और अवसरों के समन्वय से विकसित राज्य बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।