Shimla, 7 January-:हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों तक ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के नौ स्थानों पर रात का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि दो स्थानों पर तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। पूरे प्रदेश में सभी मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
बीते दिन रोहतांग दर्रा, सोलंगनाला और पांगी क्षेत्र में हुई बर्फबारी के बाद जनजातीय इलाकों में शीतलहर और तेज हो गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ जमने से तापमान में और गिरावट दर्ज की गई है। वहीं मैदानी जिलों में कोहरे ने ठंड का असर बढ़ा दिया है। बिलासपुर में घना कोहरा छाया रहा, जबकि पांवटा साहिब में मध्यम और ऊना में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि आज राजधानी शिमला सहित कई अन्य क्षेत्रों में धूप खिली रहने से लोगों को कुछ राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के सबसे ठंडे स्थानों में ताबो और कुकुमसेरी शामिल रहे, जहां न्यूनतम तापमान क्रमशः -9.4 और -9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल्पा में -5.2, नारकंडा में -2.9, रिकांगपिओ में -2.0, कुफरी में -1.3, मनाली में -1.4 और सोलन में -1.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। शिमला में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री, सुंदरनगर 0.7, भुंतर 0.5, पालमपुर 2.0, मंडी 2.1, हमीरपुर 2.8 और ऊना में 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में 13 जनवरी तक मौसम शुष्क और साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। साथ ही बिलासपुर, ऊना, मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों में 11 जनवरी तक सुबह और शाम के समय घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 7 और 8 जनवरी को कुछ क्षेत्रों में शीतलहर चलने की चेतावनी भी दी गई है।
उधर, ठंड के कारण रावी नदी के जलस्तर में कमी आने से होली क्षेत्र में दो जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3–4 दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।