नई दिल्ली। महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम और खासकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 12 निलंबित पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया है। इन सभी पार्षदों को महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।
बीजेपी में शामिल होने के बाद साझा किया संदेश
पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि भाजपा की विकासोन्मुखी और जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर कई जनप्रतिनिधि पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने उबाठा गुट के कल्याण ग्रामीण उप-जिला प्रमुख राहुल भगत का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विकास के रास्ते पर चलते हुए ‘कमल’ को अपनाया है। इस मौके पर सभी नए सदस्यों का भाजपा परिवार में स्वागत किया गया।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर कल्याण-डोंबिवली नगर निगम की स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष और निर्विरोध भाजपा उम्मीदवार दीपेश म्हात्रे, जयेश म्हात्रे, हर्षदताई भोईर सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
निलंबन के बाद बदला सियासी रुख
गौरतलब है कि ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद के चुनाव के दौरान इन पार्षदों ने बीजेपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी (AVA)’ का गठन किया था। कांग्रेस ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सभी 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद अब इन सभी पार्षदों ने कांग्रेस से नाता तोड़ते हुए बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव का समीकरण
अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में शिंदे गुट की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसने 27 सीटें जीती थीं, हालांकि वह बहुमत से चार सीट पीछे रह गई। बीजेपी ने 14, कांग्रेस ने 12 और एनसीपी ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
बीजेपी ने बनाया बहुमत का रास्ता
चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया। एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से गठबंधन की संख्या 32 तक पहुंच गई, जिससे 30 के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया गया। इस सियासी गणित ने महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी की रणनीतिक मजबूती को और स्पष्ट कर दिया है।