रोहतक। एएसआई संदीप लाठर आत्महत्या मामले में हरियाणा पुलिसकर्मियों ने मानवता और सहयोग की बड़ी मिसाल पेश की है। तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह की अपील पर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलकर संदीप लाठर के परिवार के लिए करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता जुटाई, जिसे अब परिजनों को सौंप दिया गया है।
एएसआई संदीप लाठर ने 14 अक्टूबर को रोहतक जिले के लाढ़ौत गांव में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार पर जातिगत भेदभाव और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में रोहतक पुलिस ने केस दर्ज किया हुआ है और जांच अभी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, लाठर के परिवार को कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये की सहायता मिली है। हाल ही में 54 लाख रुपये का चेक परिजनों को सौंपा गया, जबकि शेष राशि अलग-अलग चरणों में सीधे परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
विभाग ने जारी किया था आधिकारिक पत्र
संदीप लाठर की मौत के बाद हरियाणा पुलिस विभाग की ओर से अक्टूबर माह में एक आधिकारिक पत्र जारी कर पुलिसकर्मियों से आर्थिक मदद की अपील की गई थी। पत्र में बताया गया था कि रोहतक एसपी कार्यालय के साइबर सेल में तैनात लाठर एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उनके परिवार में मां, पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं, जिनमें से दो बच्चे नाबालिग हैं और परिवार को तत्काल सहायता की आवश्यकता है।
पत्नी को मिली सरकारी नौकरी
परिवार को राहत देते हुए सरकार ने एएसआई संदीप लाठर की विधवा पत्नी को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कैंपस स्कूल में स्नातकोत्तर शिक्षक के पद पर नियुक्ति की पेशकश भी की है। पुलिसकर्मियों की इस सामूहिक पहल को विभाग के भीतर संवेदनशीलता और एकजुटता की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।