पटौदी (गुरुग्राम) | गुरुग्राम जिले के पटौदी क्षेत्र में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई अंगीठी एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई। बिलासपुर थाना क्षेत्र के भोड़ाकलां गांव स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से धुएं और जहरीली गैस के भर जाने के कारण 11 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए।
मृतक बच्ची की पहचान गुड़िया के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला रविंद्र पिछले सात वर्षों से ओम शांति रिट्रीट सेंटर में खाती के रूप में कार्यरत है और परिवार सहित वहीं रहता है। मंगलवार रात ठंड अधिक होने के कारण परिवार ने कोयले की अंगीठी जलाई और उसी कमरे में सो गया।
रात के दौरान बंद कमरे में धुएं से बनी जहरीली गैस, संभवतः कार्बन मोनोऑक्साइड, भरती चली गई, जिससे सभी की तबीयत बिगड़ गई। बुधवार सुबह पड़ोसियों ने परिवार के सदस्यों को अचेत अवस्था में देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्ची गुड़िया को मृत घोषित कर दिया, जबकि रविंद्र, उनकी पत्नी मिथलेश, बेटा कर्ण और बेटी लक्ष्मी का उपचार के बाद स्वास्थ्य स्थिर बताया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में गुरुग्राम में दम घुटने से मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले खेड़कीदौला थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना में एक राजमिस्त्री की जान जा चुकी है, जिससे ठंड के मौसम में अंगीठी के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।