शिमला | शिमला के चलौंठी इलाके में टनल निर्माण के चलते हालात गंभीर हो गए हैं। निर्माण कार्य के कारण एक छह मंजिला रिहायशी मकान में बड़ी दरारें आ गईं, जिससे उसमें रह रहे 15 परिवारों को रात के समय ही मकान खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा। कड़ाके की ठंड के बीच प्रभावित लोग सड़क पर आ गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मकान के साथ-साथ ढली–संजौली बाईपास सड़क पर भी बीचों-बीच दरारें आ गई हैं। सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी है। सुरक्षा कारणों से देर रात आसपास के एक होटल को भी खाली करवाया गया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक ठहरे हुए थे। सभी पर्यटकों को रात में ही होटल से बाहर निकालना पड़ा।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। देर रात एडीएम मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों और सरकारी भवनों में शिफ्ट किया गया, ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों ने टनल निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण के दौरान की जा रही ब्लास्टिंग और भारी मशीनों के इस्तेमाल से मकानों की नींव कमजोर हुई है। तीन दिन पहले ही घरों की दीवारों में हल्की दरारें दिखाई देने लगी थीं, लेकिन निर्माण कंपनी और प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है। प्रभावित परिवार भविष्य को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से स्थायी समाधान, मुआवजे और टनल निर्माण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।