चंडीगढ़। पिछले तीन दिनों से उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड पंजाब और ट्राइसिटी के लिए गंभीर समस्या बन गई है। सोमवार रात शहर घने कोहरे और भीषण ठंड की चपेट में रहा। मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान गिरकर 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 2017 के बाद सबसे कम है। लगातार दूसरी रात चंडीगढ़ का तापमान शिमला से भी कम रहा।
कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और बढ़ता प्रदूषण—तीनों मिलकर ट्राइसिटी और आसपास के जिलों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। बद्दी में खराब वायु गुणवत्ता का असर ट्राइसिटी में भी देखने को मिला, और प्रदूषण स्तर एक बार फिर खराब श्रेणी में पहुंच गया। मौसम विभाग ने बताया कि 15 जनवरी के बाद बादल छाने से कोहरे में कुछ राहत मिल सकती है।
सोमवार रात लगभग साढ़े 9 घंटे तक तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। कई इलाकों में दृश्यता केवल 20 मीटर तक सिमट गई। रात करीब 10 बजे तापमान 5 डिग्री तक गिरा और धीरे-धीरे सुबह साढ़े सात बजे तक 5 डिग्री से नीचे ही रहा। दिनभर अधिकतम तापमान 15 डिग्री पार गया, लेकिन शीतलहर के चलते ठंड से राहत नहीं मिली।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 जनवरी के बाद एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 18 और 19 जनवरी को पंजाब और ट्राइसिटी के मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फीली हवाओं के आसार हैं।
ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। अधिकारी लोगों से सलाह दे रहे हैं कि सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें, विशेषकर बुजुर्ग और बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए।