Shimla, 14 January-:हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम के बीच अब राहत की उम्मीद बनती दिख रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 15 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से 16 से 19 जनवरी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। इस संभावित बदलाव से किसानों, बागवानों और पर्यटन क्षेत्र को खास राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, मौसम परिवर्तन से पहले प्रदेश में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है। बुधवार और गुरुवार को कई क्षेत्रों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से मैदानी और निचले पर्वतीय इलाकों में ठंड का असर अधिक रहने का अनुमान है। इसके अलावा जलाशयों से सटे जिलों में 15 जनवरी तक सुबह और शाम घने कोहरे की चेतावनी दी गई है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है.प्रदेश के शिमला और सिरमौर जिलों को छोड़ दें तो शेष 10 जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। बीते 24 घंटों के दौरान बरठीं, हमीरपुर, ऊना, मंडी, कांगड़ा और बिलासपुर में शीतलहर की स्थिति बनी रही। वहीं पांवटा साहिब, ऊना, कांगड़ा, मंडी, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर के कई हिस्सों में कोहरा छाया रहा।
मौसम विभाग के अनुसार 15 जनवरी तक प्रदेश में मौसम सामान्यतः साफ रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 19 जनवरी को मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है।कुल्लू और लाहौल घाटी में मंगलवार सुबह बादल छाए रहे, जबकि कोकसर, अटल टनल रोहतांग, जलोड़ी दर्रा और दारचा में शीतलहर के कारण पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय धूप खिली रही, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।