Shimla, Sanju:हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने घोषणा की है कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 21 और 22 जनवरी को विशेष एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं का उद्देश्य चिट्टा (हेरोइन) जैसी घातक नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण और जागरूकता बढ़ाना है।
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि इन ग्राम सभाओं में पंचायत स्तर पर चिट्टा से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। नशे की गिरफ्त में आए स्थानीय युवाओं की पहचान, उनके उपचार और पुनर्वास की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही नशे के कारोबार से जुड़े लोगों और गतिविधियों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इन सभाओं की निगरानी के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा।उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं के दौरान पंचायत स्तर पर चिट्टा प्रभावित क्षेत्रों की मैपिंग भी की जाएगी। प्रदेश में अब तक 264 ग्राम पंचायतों को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है, जहां नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। सरकार इन पंचायतों पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी।
नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार खेलों को भी माध्यम बना रही है। मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में प्रीमियर लीग की तर्ज पर एंटी चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। इनमें कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबॉल जैसी प्रतियोगिताएं शामिल होंगी। ये टूर्नामेंट ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
प्रतियोगिताओं में विजेता टीमों को मुख्यमंत्री द्वारा नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। राज्य स्तर पर विजेता टीम के लिए 21 लाख रुपये तक की इनामी राशि निर्धारित की गई है। मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर कर खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है, ताकि हिमाचल को नशा मुक्त बनाया जा सके।