Chintpurni,Vikas-:श्रद्धा, विश्वास और अदम्य हौसले की मिसाल पेश करते हुए हरियाणा के पानीपत निवासी 58 वर्षीय नरेश एक बार फिर लंबी पैदल धार्मिक यात्रा पर निकले हैं। यह उनकी दूसरी कठिन यात्रा है, जिसमें वे देश के नौ प्रमुख देवी शक्तिपीठों के दर्शन करेंगे। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा के तहत नरेश ने माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में पहुंचकर हाजिरी लगाई और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इससे पहले नरेश पानीपत से नैना देवी तक पैदल यात्रा कर चुके हैं। उनकी वर्तमान यात्रा में वैष्णो देवी, ज्वालाजी, कांगड़ा देवी, बगलामुखी सहित नौ प्रमुख देवी मंदिरों के दर्शन का संकल्प शामिल है। रेहड़ी खींचते हुए की जा रही यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा है।नरेश ने भावुक होकर बताया कि उनकी पहली यात्रा का उद्देश्य उनकी बेटी ज्योति के स्वास्थ्य लाभ की कामना थी। उस समय ज्योति कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, लेकिन माता रानी की कृपा से वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसी विश्वास और कृतज्ञता के भाव से प्रेरित होकर नरेश ने दूसरी यात्रा शुरू की है। इस बार उनके साथ उनकी बेटी ज्योति, उनकी दो बेटियां और बेटा विशाल भी यात्रा में सहभागी हैं।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा 7 मई 2025 को शुरू हुई है और इसे पूरा होने में लगभग 17 महीने लगेंगे। यात्रा का समापन 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दौरान उन्होंने स्वयं के लिए कुछ कठोर नियम तय किए हैं। वे न तो बाहर का भोजन करेंगे, न किसी के घर रुकेंगे और पूरी यात्रा रेहड़ी के सहारे पैदल ही पूरी करेंगे।
माता चिंतपूर्णी के दर्शन के बाद नरेश अपने अगले पड़ाव ज्वालाजी के लिए रवाना होंगे। उनका कहना है कि माता रानी सभी भक्तों की सच्चे मन से की गई प्रार्थनाएं अवश्य स्वीकार करती हैं। उनकी यह यात्रा आज कई लोगों के लिए आस्था और संकल्प की प्रेरणा बन रही है।