गुरुग्राम। खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अपराधी मनोज ओझा की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी रंजिश या सुपारी किलिंग का नहीं, बल्कि अपराधियों के बीच हुई आपसी कहासुनी का नतीजा थी। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है।
पुलिस के अनुसार, 34 वर्षीय मनोज ओझा अपने दो साथियों लोकेश और तनिष के साथ 13 जनवरी को हिसार गया था। तीनों किसी व्यक्ति की हत्या की नीयत से गए थे, लेकिन अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। वापसी के दौरान मानेसर क्षेत्र में कार के अंदर किसी बात को लेकर तीनों के बीच तीखी बहस हो गई। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी तनिष ने गाड़ी में रखे अवैध हथियार से मनोज पर गोली चला दी।
गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल मनोज ओझा खुद गाड़ी चलाकर खेड़की दौला टोल प्लाजा तक पहुंचा और वहां मदद की गुहार लगाई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मरने से पहले मनोज ने अपने भाई को वॉयस मैसेज के जरिए पूरी घटना की जानकारी भी दी थी।
मनोज के भाई की शिकायत पर गुरुग्राम पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान अपराध शाखा मानेसर ने 21 वर्षीय आरोपी लोकेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी तनिष फरार चल रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक मनोज ओझा एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर था, जिसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट और चोरी समेत कुल 16 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वह दो मामलों में सजा भी काट चुका था और वर्ष 2025 में जमानत पर जेल से बाहर आया था।
पुलिस ने घटनास्थल से एक बोलेरो गाड़ी और दो लोडेड पिस्टल भी बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर लेकर हथियारों की बरामदगी और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए जाएंगे। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।