बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने शनिवार को बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सुक्खू सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की कार्यशैली के कारण हिमाचल प्रदेश में गंभीर संवैधानिक संकट की स्थिति बन गई है। सरकार न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बाधा डाल रही है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा का भी उल्लंघन कर रही है।
रणधीर शर्मा ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा आईएएस कैडर को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए उसे असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले उपमुख्यमंत्री और अब कैबिनेट मंत्री द्वारा अधिकारियों पर सार्वजनिक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे यह साफ होता है कि सरकार के भीतर भारी गुटबाजी और अव्यवस्था का माहौल है। शर्मा ने सवाल उठाया कि या तो मंत्री अफसरों से काम लेने में असफल साबित हो रहे हैं, या फिर प्रदेश की अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम पर उपमुख्यमंत्री की चुप्पी भी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार चुनाव आयोग के कार्यों में सीधा हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि समय पर न तो रोस्टर जारी होने दिया गया और न ही मतदाता सूचियों का प्रकाशन सुनिश्चित किया गया। चुनाव टालने के लिए डिजास्टर एक्ट का सहारा लेना पूरी तरह अलोकतांत्रिक कदम है। रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने को लेकर उच्च न्यायालय के आदेशों पर की गई टिप्पणी न्यायपालिका की गरिमा के विपरीत है। कोर्ट के आदेश के दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने अब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों के बीच जारी वर्चस्व की इस लड़ाई का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विकास कार्य ठप पड़े हैं और शासन व्यवस्था चरमरा गई है। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरह हिमाचल में हालात हैं, उसी तरह पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार मीडिया की आवाज दबाने और पत्रकारों को परेशान करने का काम कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।