गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम में बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएलएफ फेज-5 स्थित द मैगनोलियास अपार्टमेंट्स में एक लग्जरी फ्लैट को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। कुर्क की गई संपत्ति की कीमत करीब 32.28 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
ईडी के मुताबिक, अटैच किया गया अपार्टमेंट नंबर 1516बी है, जो कागजों में मेसर्स अन्वी पावर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है। जांच में सामने आया है कि यह फ्लैट जेंसोल ग्रुप के चेयरमैन और प्रमुख प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी से संबंधित है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि यह संपत्ति जेंसोल ग्रुप की कंपनी मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूबल्स लिमिटेड से कथित रूप से डायवर्ट किए गए सरकारी फंड से खरीदी गई। ईडी ने यह जांच सीबीआई और एसटीबी, नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो मेकान लिमिटेड की शिकायत पर दर्ज हुई थी।
ईडी के अनुसार, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत स्टील सेक्टर में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी अनुदान स्वीकृत किया था। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्टील मंत्रालय ने मेकान लिमिटेड को स्कीम इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी नियुक्त किया था।
योजना के तहत मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूबल्स लिमिटेड सफल बोलीदाता बनी और उसे स्वीकृत अनुदान का 20 प्रतिशत, यानी 32.28 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई। ईडी का दावा है कि इस राशि का उपयोग परियोजना में करने के बजाय, इसे कंपनियों के एक नेटवर्क के जरिए डायवर्ट किया गया, जिन पर अनमोल सिंह जग्गी का नियंत्रण बताया जा रहा है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इन पैसों का इस्तेमाल प्रमोटर्स के निजी लाभ और जेंसोल ग्रुप की अन्य गतिविधियों में किया गया। इसी धन से लग्जरी फ्लैट खरीदे जाने का आरोप है, जिसे अपराध की आय मानते हुए अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है।