नई दिल्ली | अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे के बाद एयर इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन में व्यापक बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने बताया है कि वह 21 जून से 15 जुलाई 2025 के बीच हर सप्ताह 38 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करेगी और तीन रूट्स पर अस्थायी रूप से सेवाएं रोक दी जाएंगी।
अस्थायी कटौती से संचालन में स्थिरता लाने की कोशिश
एयर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कदम फ्लाइट शेड्यूल में स्थिरता बनाए रखने और यात्रियों को अंतिम समय पर होने वाली असुविधा से बचाने के लिए उठाया गया है। यह घोषणा उस निर्णय के एक दिन बाद आई है जिसमें एयर इंडिया ने बड़े विमानों की उड़ानों में 15% कटौती की बात कही थी।
इन रूट्स पर उड़ानें रहेंगी बंद
एयर इंडिया ने निम्नलिखित तीन अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 15 जुलाई तक सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित करने की पुष्टि की है:
- दिल्ली–नैरोबी (प्रति सप्ताह 4 उड़ानें)
- अमृतसर–लंदन (गैटविक) (प्रति सप्ताह 3 उड़ानें)
- गोवा (मोपा)–लंदन (गैटविक) (प्रति सप्ताह 3 उड़ानें)
18 अन्य रूट्स पर भी उड़ानों में कटौती
इसके अलावा एयर इंडिया उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और सुदूर पूर्व के 18 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी उड़ानों की संख्या में कमी करेगी। जिन प्रमुख मार्गों पर यह कटौती लागू होगी, उनमें शामिल हैं:
- दिल्ली–टोरंटो
- दिल्ली–वैंकूवर
- दिल्ली–सैन फ्रांसिस्को
- दिल्ली–शिकागो
- दिल्ली–वाशिंगटन
सुरक्षा और परिचालन कारणों से लिया गया निर्णय
एयर इंडिया ने बताया कि यह फैसला दो मुख्य वजहों से लिया गया है:
- फ्लाइट से पहले सुरक्षा जांच को और कड़ा किया गया है, जिससे संचालन प्रभावित हुआ है।
- पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र के प्रतिबंध के चलते उड़ानों की अवधि में वृद्धि हो रही है, जिससे फ्लाइट प्लानिंग पर असर पड़ रहा है।
कंपनी ने यह भी दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता उसकी प्राथमिकता बनी हुई है, और ये बदलाव सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा हैं।