हिसार। हरियाणा में सर्दी का असर बना हुआ है, लेकिन मौसम के मिजाज में धीरे-धीरे बदलाव देखा जा रहा है। रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी के चलते वातावरण की नमी में कमी आई है। पश्चिमी विक्षोभ के पूरी तरह सक्रिय न होने के कारण प्रदेश में अपेक्षित वर्षा नहीं हो सकी। मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह बारिश की संभावना कम है, जबकि सुबह और देर रात घना कोहरा लोगों को परेशान करता रहेगा।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ऊपरी वायुमंडल में पर्याप्त नमी न बनने से बादल तो बने, लेकिन वर्षा के अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पाईं। मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सोनीपत में 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य जिलों में रात का तापमान 5 से 8 डिग्री के बीच रहा, जबकि दिन का अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन में धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम हुआ।
तापमान के इस उतार-चढ़ाव के कारण सुबह और देर रात कोहरे की स्थिति बनी हुई है। निचली सतह पर नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत तक रहा और हवा की गति धीमी होने से कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई।
आगे का पूर्वानुमान
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के अनुसार, 22 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। यदि बारिश होती है तो नमी का संतुलन बदलेगा और कोहरे की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।
मौसम अलर्ट और सलाह
मौसम विभाग ने अलसुबह और देर रात घने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए ही फसलों की सिंचाई और छिड़काव करें। वहीं, आम लोगों से सुबह-शाम यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।