कोच्चि।केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से कथित सोना चोरी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब केरल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बनता जा रहा है।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कुल 21 ठिकानों पर तलाशी ली गई। इनमें बेंगलुरु में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार से जुड़े परिसर और कुछ आभूषण व्यापारियों के ठिकाने शामिल हैं। तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी की कुछ अचल संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।
ईडी ने हाल ही में केरल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर का संज्ञान लेते हुए इस मामले में औपचारिक रूप से मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
2019 से 2025 के बीच हुई कथित चोरी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, भगवान अयप्पा मंदिर की सोने से मढ़ी कलाकृतियों को रिकॉर्ड में जानबूझकर तांबे की प्लेट के रूप में दर्शाया गया। आरोप है कि वर्ष 2019 से 2025 के बीच इन कलाकृतियों को अवैध रूप से मंदिर परिसर से हटाया गया। बाद में चेन्नई और कर्नाटक के कुछ निजी ठिकानों पर रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिए सोना निकाला गया।
हाई कोर्ट की निगरानी में SIT जांच
इस मामले की जांच पहले से ही केरल हाई कोर्ट की निगरानी में गठित विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है। जांच में आधिकारिक कदाचार, प्रशासनिक लापरवाही और संगठित आपराधिक साजिश के पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
भाजपा ने SIT जांच पर उठाए सवाल
एएनआई के अनुसार, भाजपा नेताओं ने तिरुवनंतपुरम में प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वी. मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि SIT ने पूर्व देवस्वोम मंत्री से पूछताछ की जानकारी सार्वजनिक नहीं की, जबकि अन्य मामलों में विवरण साझा किया गया। उन्होंने इसे तथ्यों को छिपाने का प्रयास बताया। ईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।