फरीदाबाद | दिल्ली के भीड़भाड़ वाले आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे पर बल्लभगढ़ निवासी कृष्णकांत के साथ एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। ससुराल से लौटते वक्त उनके ट्रॉली बैग में रखे लाखों के गहने, नकदी, जरूरी दस्तावेज और एटीएम कार्ड अज्ञात चोर उड़ा ले गए।
सालों की कमाई पल भर में गायब
पीड़ित कृष्णकांत ने बताया कि बैग में उन्होंने वर्षों की मेहनत से जुटाए गए पैसे से खरीदे गहनों के अलावा नकदी और कई जरूरी कागजात रखे थे। जैसे ही वे आनंद विहार बस अड्डे पर पहुंचे, वहां की भीड़ का फायदा उठाकर चोर बैग लेकर फरार हो गए। जब तक उन्हें इस घटना का अहसास हुआ, चोर मौके से गायब हो चुके थे।
पुलिस कार्रवाई से निराश पीड़ित
चोरी की शिकायत लेकर कृष्णकांत ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर उन्हें एक थाने से दूसरे थाने भेजा गया। पिछले 15 दिनों से वह दिल्ली के थानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई भी थाना न तो FIR दर्ज कर रहा है और न ही जांच में रुचि दिखा रहा है।
कृष्णकांत ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पुलिस को जरूरी साक्ष्य भी सौंपे हैं, लेकिन अब तक उन्हें यही जवाब दिया जा रहा है कि “यह मामला हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं आता” या “संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं हैं।”
व्यवस्था पर उठते सवाल
यह घटना न सिर्फ एक आम नागरिक की आर्थिक क्षति का मामला है, बल्कि पुलिस की संवेदनहीनता और सिस्टम की जटिलता को भी उजागर करती है। सरकार जहां ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ और ‘जनसुनवाई’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर एक आम आदमी 15 दिन से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है।
अब देखना यह है कि क्या दिल्ली पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करती है या फिर यह घटना भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।