Mandi, Dharamveer-:जैसे-जैसे शिवरात्रि की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छोटी काशी के भक्तों की उत्सुकता और उल्लास भी बढ़ता जा रहा है। मंडी शहर के सबसे प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि के बाद से भक्तों का तांता लगा हुआ है। कारण, यहां होने वाले भगवान शिव के अनेकों स्वरूपों के दर्शन।
दरअसल तारा रात्रि से भूतनाथ मंदिर में भगवान शिव की पींडी पर माखन का लेप चढ़ाया गया है और उस लेप पर रोजाना भोले बाबा के विभिन्न स्वरूपों को उकेर कर भक्तों को दर्शन करवाए जा रहे हैं। यह दर्शन भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। तारा रात्रि से रोजाना भूतनाथ मंदिर दर्शनों के लिए आ रही आंचल ठाकुर ने बताया कि उन्हें रोजाना भगवान भोले नाथ के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन हो रहे हैं। वे रोज यहां आकर पूजा अर्चना करके भगवान का आशीवार्द प्राप्त करती हैं।
बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि बाबा भूतनाथ की पींडी पर माखन का लेप यानी घृत कंबल चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है और आज भी इस परंपरा का छोटी काशी मंडी में पूरे उत्साह व हर्षोल्लास के साथ निर्वहन किया जा रहा है। भगवान शिव श्रृष्टि के रचियता हैं और पूरे भारत व विदेशों में उनके अनेकों स्वरूप और मंदिर विराजमान हैं। उन सभी स्थानों तक पहुंच पाना सभी के लिए संभव नहीं होता। इसलिए घृत कंबल पर उनकी आकृतियां उकेर कर भक्तों को एक ही स्थान पर उनके विभिन्न स्वरूपों के दर्शन करवाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने अधिक से अधिक भक्तों से मंदिर में आकर दर्शन करने का आहवान किया है।
बता दें कि बाबा भूतनाथ की पींडी पर माखन का यह श्रृंगार शुरू होने के बाद ही छोटी काशी में शिवरात्रि के सभी शुभ कारज शुरू हो जाते हैं। छोटी काशी का अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव विश्व प्रसिद्ध है जोकि इस बार 16 से 22 फरवरी तक मनाया जाएगा।